बदन पे सितारे लपेटे हुए - मो. रफ़ी

  

बदन पे सितारे लपेटे हुए




गाना: बदन पे सितारे लपेटे हुए
फिल्म: प्रिंस (1969)
गायक: मो. रफ़ी 
गीतकार: हसरत जयपुरी  
संगीतकार: शंकर जयकिशन 



बदन पे सितारे लपेटे हुए
ओ जान-ए-तमन्ना किधर जा रही हो
ज़रा पास आओ तो चैन आ जाए


हमीं जब ना होंगे, तो ऐ दिलरुबा
किसे देखकर, हाय शरमाओगी
ना देखोगी फिर तुम कभी आइना
हमारे बिना रोज़ घबराओगी
बदन पे सितारे...


है बनने संवरने का जब ही मज़ा
कोई देखने वाला आशिक़ तो हो
नहीं तो ये जलवे हैं बुझते दीये
कोई मिटने वाला एक आशिक़ तो हो
बदन पे सितारे...


मुहब्बत कि ये इम्तहाँ हो गई
कि मस्ती में तुमको खुदा कह गया
ज़माना ये इंसाफ़ करता रहे
बुरा कह गया या भला कह गया
बदन पे सितारे...






-------------------------------







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हमें तुमसे प्यार कितना - किशोर कुमार, परवीन सुल्ताना

इन्तहा हो गई इंतज़ार की - किशोर कुमार, आशा भोंसले

गुलाबी आँखें, जो तेरी देखी - मो. रफ़ी