संदेश

मार्च, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ये रात ये चांदनी फिर कहाँ - लता मंगेशकर, हेमंत कुमार

ये रात ये चांदनी फिर कहाँ गाना:  ये रात ये चांदनी फिर कहाँ    फिल्म: जाल (1952) गायक: लता मंगेशकर, हेमंत कुमार गीतकार: साहिर लुधियानवी  संगीतकार: सचिन देव बर्मन                                                                                   ये रात ये चांदनी फिर कहाँ                                                                                    सुन जा दिल की दास्ताँ                           ...

अकेली मत जइयो राधे - मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

अकेली मत जइयो राधे गाना:  अकेली मत जइयो राधे फिल्म: बैजू  बावरा (1952) गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर गीतकार: शक़ील बदायुनी  संगीतकार: नौशाद अली    अकेली मत जइयो राधे जमुना के तीर तू गंगा की मौज, मैं जमुना का धारा हो रहेगा मिलन, ये हमारा हमारा, तुम्हारा रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ चलेगी अकेले न तुमसे ये नैय्या मिलेंगी न मंज़िल तुम्हें बिन खिवैया चले आओ जी, चले आओ जी चले आओ मौजों का ले कर सहारा, हो रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा... भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिल के छुपोगे भँवर में तो छुपने न देंगे डुबो देंगे नैया तुम्हें ढूँढ लेंगे बनायेंगे हम, बनायेंगे हम बनायेंगे तूफ़ाँ को लेकर किनारा, हो रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा...

जलते हैं जिसके लिए - तलत महमूद

जलते हैं जिसके लिए गाना:  जलते हैं जिसके लिए फिल्म: सुजाता (1959) गायक: तलत महमूद गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी  संगीतकार: एस. डी. बर्मन   जलते हैं जिसके लिए, तेरी आंखों के दीए, ढूंढ़ लाया हूं वही, गीत मैं तेरे लिए दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं, गीत नाज़ुक हैं मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं, गुनगुनाऊँगा वही गीत मैं तेरे लिए जलते हैं... जब तलक ना ये तेरे रसके भरे होठों से मिलें, यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले, गाए जाऊँगा वही गीत मैं तेरे लिए जलते हैं... -------------------------------

तेरी दुनिया में जीने से - हेमंत कुमार

तेरी दुनिया में जीने से गाना:  तेरी दुनिया में जीने से फिल्म: हाउस नंबर ४४ (1955) गायक: हेमंत कुमार  गीतकार: साहिर लुधियानवी  संगीतकार: एस. डी. बर्मन   तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ वही आँसू, वही आहें वही ग़म हैं जिधर जाएँ कोई तो ऐसा घर होता जहाँ से प्यार मिल जाता वही बेगाने चेहरे हैं जहाँ पहुँचे, जिधर जाएँ तेरी दुनिया में... अरे ओ आसमाँ वाले बता इसमें बुरा क्या है खुशी के चार झोंके गर इधर से भी, गुज़र जाएँ तेरी दुनिया में... -------------------------------

दिल तड़प तड़प के - लता मंगेशकर, मुकेश

  दिल तड़प तड़प के गाना:  दिल तड़प तड़प के फिल्म: मधुमती (1958) गायक: लता मंगेशकर, मुकेश गीतकार: शैलेन्द्र संगीतकार: सलिल चौधरी दिल तड़प तड़प के कह रहा है आ भी जा तू हमसे आँख ना चुरा, तुझे कसम है आ भी जा तू नहीं तो ये बहार क्या बहार है गुल नहीं खिले के तेरा इंतजार है दिल तड़प तड़प के... दिल धड़क धड़क के दे रहा है ये सदा तुम्हारी हो चुकी हूँ मैं, तुम्हारे पास हूँ सदा तुमसे मेरी ज़िन्दगी का ये सिंगार है जी रही हूँ मैं के मुझको तुमसे प्यार है दिल तड़प तड़प के... मुस्कुराते प्यार का असर है हर कहीं हम कहाँ हैं, दिल किधर है, कुछ खबर नहीं दिल तड़प तड़प के... -------------------------------

सब कुछ सीखा हमने - मुकेश

  सब कुछ सीखा हमने गाना:  सब कुछ सीखा हमने फिल्म: अनाड़ी (1959) गायक: मुकेश  गीतकार: शैलेन्द्र संगीतकार: शंकर जयकिशन  सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी सच है दुनिया वालों कि हम हैं अनाड़ी दुनिया ने कितना समझाया कौन है अपना कौन पराया फिर भी दिल की चोट छुपा कर हमने आपका दिल बहलाया खुद ही मर मिटने की ये ज़िद है हमारी सच है दुनिया वालों... दिल का चमन उजड़ते देखा प्यार का रंग उतरते देखा हमने हर जीने वाले को धन दौलत पे मरते देखा दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी सच है दुनिया वालों... असली नकली चेहरे देखे दिल पे सौ सौ पहरे देखे मेरे दुखते दिल से पूछो क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी सच है दुनिया वालों... -------------------------------

मन डोले मेरा तन डोले - लता मंगेशकर

  मन डोले मेरा तन डोले गाना:  मन डोले मेरा तन डोले फिल्म: नागिन (1976) गायक: लता मंगेशकर गीतकार: राजेन्द्र कृष्ण  संगीतकार: हेमंत कुमार मुखोपाध्याय                                                                                         मन डोले मेरा तन डोले मेरे दिल का गया करार रे यह कौन बजाये बाँसुरिया मन डोले मेरा तन डोले मेरे दिल का गया करार रे यह कौन बजाये बाँसुरिया मधुर मधुर सपनों में देखि मैंने राह अलबेली छोड़ चली मैं लाज का पहरा जाने कहाँ अकेली चली रे मैं जाने कहाँ अकेली रस घोले धुन यू बोले जैसे ठण्डी पड़े फ़ुहार रे मन डोले मेरा तन डोले मेरे दिल का गया करार रे यह कौन बजाये बाँसुरिया कदम कदम पर रंग सुनहरा यह किसने बिखराया नागिन का मन बस करने यह कौन सपेरा आया न जाने कौन सपेरा आया पाग डोले दिल यू बोले ...

घर आया मेरा परदेसी - लता मंगेशकर

घर आया मेरा परदेसी गाना:  घर आया मेरा परदेसी फिल्म: आवारा (1951) गायक: लता मंगेशकर गीतकार: शैलेन्द्र  संगीतकार: जयकिशन दयाभाई पंचाल                                                                    ॐ नामा शिवय ॐ नामा शिवाय ॐ आ आ आ आ आ आ आआ आ आ आ आ घर आया मेरा परदेसी प्यास बुझी मेरी अँखियाँ की तू मेरे मन्न का मोती है इन नैनं की ज्योति है याद है मेरे बचपन की घर आया मेरा परदेसी आ आ आ आ आ आ आआ आ आ आ आ अब दिल तोड़के मत जाना रट छोड़के मत जाना कसम तुझे मेरे आंसुआं की घर आया मेरा परदेसी आ आ आ आ आ आ आआ आ आ आ आ शिला शैले शैले. -------------------------------

भोली सूरत दिल के खोटे - सी. रामचन्द्र, लता मंगेशकर

भोली सूरत दिल के खोटे गाना:  भोली सूरत दिल के खोटे फिल्म: अलबेला (1951) गायक: सी. रामचन्द्र, लता मंगेशकर गीतकार: राजेन्द्र कृष्ण  संगीतकार: सी. रामचन्द्र   भोली सूरत दिल के खोटे नाम बड़े और दरशन छोटे नये ज़माने के ये छैला, उजले कपड़े दिल है मैला रंग-बिरंगी इनकी टाई, घर में लेकिन कड़की छाई फैशन में दिल लोटे-पोटे नाम बड़े और दरशन छोटे... नये ज़माने की ये नारी, ऊँची सेंडल बाँकी साड़ी नैनों में कजरा, होंठों पे लाली हाथ में कंगन, कान में बाली, कान में बाली नैनों में कजरा होंठों पे लाली नखरे बड़े मोटे-मोटे नाम बड़े और दरशन छोटे... हुस्न और इश्क़ की ये लड़ाई, शुरू से जग में होती आयी ना कोई जीते, ना कोई हारे, अजी क्यों न दिल मिल जाएं प्यारे ना हम बड़े, ना तुम छोटे नाम बड़े और दरशन छोटे...

हाल कैसा है जनाब का - किशोर कुमार, आशा भोंसले

  हाल कैसा है जनाब का गाना:  हाल कैसा है जनाब का फिल्म: चलती का नाम गाड़ी (1958) गायक: किशोर कुमार, आशा भोंसले  गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी संगीतकार: एस. डी. बर्मन  हाल कैसा है जनाब का क्या खयाल है आपका तुम तो मचल गये, ओ ओ ओ यूँ ही फ़िसल गये, आ आ आ बहकी, बहकी, चले है पवन, जो उड़े है तेरा आँचल छोड़ो, छोड़ो, देखो-देखो गोरे-गोरे काले-काले बादल कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है ज़रा नज़र को संभालना हाल कैसा है जनाब का... पगली, पगली, कभी तूने सोचा रस्ते में गये मिल क्यों पगले, पगले, तेरी बातों-बातों में धड़कता है दिल क्यों कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है ज़रा नज़र को संभालना हाल कैसा है जनाब का... कहो जी, कहो जी, रोज़ तेरे संग यूँ ही दिल बहलायें क्या सुनो जी, सुनो जी, समझ सको तो खुद समझो बताएं क्या कभी कुछ कहती है, कभी कुछ कहती है ज़रा नज़र को सम्भालना हाल कैसा है जनाब का... -------------------------------

ओ मेरे दिल के चैन - किशोर कुमार

   ओ मेरे दिल के चैन गाना:  ओ मेरे दिल के चैन फिल्म: मेरे जीवन साथी (1972) गायक: किशोर कुमार  गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी संगीतकार: आर. डी. बर्मन  ओ मेरे दिल के चैन चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिये अपना ही साया देख के तुम जाने जहां शरमा गए अभी तो ये पहली मंजिल है तुम तो अभी से घबरा गए मेरा क्या होगा सोचो तो ज़रा हाय ऐसे न आहें भरा कीजिये ओ मेरे दिल के चैन.. आपका अरमां आपका नाम मेरा तराना और नहीं इन झुकती पलकों के सिवा दिल का ठिकाना और नहीं जचता ही नहीं आँखों में कोई दिल तुमको ही चाहे तो क्या कीजिये ओ मेरे दिल के चैन.. यूँ तो अकेला भी अक्सर गिर के संभल सकता हूँ मैं तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा दुनिया बदल सकता हूँ मैं माँगा है तुम्हें दुनिया के लिए अब खुद ही सनम फैसला कीजिये ओ मेरे दिल के चैन.. -------------------------------

ऐ मेरे हमसफ़र - उदित नारायण, अल्का याग्निक

  ऐ मेरे हमसफ़र गाना:  ऐ मेरे हमसफ़र फिल्म: क़यामत से क़यामत तक (1988) गायक: उदित नारायण, अल्का याग्निक गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी  संगीतकार: आनंद मिलिंद  ऐ मेरे हमसफ़र, एक ज़रा इन्तज़ार सुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की ऐ मेरे हमसफ़र... अब है जुदाई का मौसम, दो पल का मेहमां कैसे ना जाएगा अंधेरा, क्यूँ ना थमेगा तूफां कैसे ना मिलेगी, मंजिल प्यार की ऐ मेरे हमसफ़र... प्यार ने जहाँ पे रखा है, झूम के कदम इक बार वहीं से खुला है कोई रस्ता, वहीं से गिरी है दीवार रोके कब रुकी है, मंज़िल प्यार की ऐ मेरे हमसफ़र... -------------------------------

कोरा कागज़ था ये मन मेरा - किशोर कुमार, लता मंगेशकर

  कोरा कागज़ था ये मन मेरा गाना:  कोरा कागज़ था ये मन मेरा फिल्म: आराधना (1961) गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर  गीतकार: आनंद बक्शी संगीतकार: सचिन देव बर्मन  कोरा कागज़ था ये मन मेरा लिख लिया नाम इस पे तेरा सूना आंगन था जीवन मेरा बस गया प्यार जिस पे तेरा (टूट ना जाये सपने मैं डरता हूँ नित दिन सपनों में देखा करता हूँ)  नैना कजरारे मतवारे ये इशारे खाली दरपन था ये मन मेरा रच गया रूप इस में तेरा कोरा कागज़ था ये मन मेरा लिख लिया नाम इस पे तेरा चैन गंवाया मैने निंदिया गंवाई सारी सारी रात जागूं दूँ मैं दुहाई कहूँ क्या मैं आगे नेहा लागे जी ना लागे कोई दुश्मन था ये मन मेरा  बन गया मीत जा के तेरा कोरा कागज़ था ये मन मेरा लिख लिया नाम इस पे तेरा बागों में फूलों के खिलने से पहले तेरे मेरे नैनों के मिलने से पहले कहाँ की ये बातें  मुलाकातें  ऐसी रातें टूटा तारा था ये मन मेरा बन गया चांद होके तेरा कोरा कागज़ था ये मन मेरा लिख लिया नाम इस पे तेरा -------------------------------

हमें तुमसे प्यार कितना - किशोर कुमार, परवीन सुल्ताना

  हमें तुमसे प्यार कितना गाना:  हमें तुमसे प्यार कितना फिल्म: कुदरत (1981) गायक: किशोर कुमार, परवीन सुल्ताना  गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी संगीतकार: आर. डी. बर्मन  हमें तुमसे प्यार कितना, ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना सुना गम जुदाई का, उठाते हैं लोग जाने जिंदगी कैसे, बिताते हैं लोग दिन भी यहाँ तो लगे, बरस के समान हमें इंतज़ार कितना, ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना हमें तुमसे प्यार कितना... तुम्हें कोई और देखे, तो जलता है दिल बड़ी मुश्किलों से फिर, संभालता है दिल क्या क्या जतन करते हैं, तुम्हें क्या पता ये दिल बेकरार कितना, ये हम नहीं जानते मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना हमें तुमसे प्यार कितना... मैं तो सदा थी तुम्हरी दीवानी भूल गए सैय्याँ प्रीत पुरानी कद्र ना जानी, कद्र ना जानी हमें तुमसे प्यार कितना... कोई जो डारे तुमपे नयनवा देखा ना जाए मोसे सजनवा जले मोरा मनवा, जले मोरा मनवा हमें तुमसे प्यार कितना... -------------------------------

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई - किशोर कुमार, लता मंगेशकर

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई गाना:  तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई फिल्म: आँधी (1975) गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर  गीतकार: गुलज़ार  संगीतकार: आर. डी. बर्मन   तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं,  शिकवा  नहीं तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं, ज़िन्दगी नहीं, ज़िन्दगी नहीं तेरे बिना ज़िन्दगी से... काश ऐसा हो तेरे क़दमों से चुन के मंज़िल चलें और कहीं, दूर कहीं तुम गर साथ हो मंज़िलों की कमी तो नहीं तेरे बिना ज़िन्दगी से... जी में आता है तेरे दामन में सर छुपा के हम रोते रहें, रोते रहें तेरी भी आँखों में आँसुओं की नमी तो नहीं तेरे बिना ज़िन्दगी से... तुम जो कह दो तो आज की रात चाँद डूबेगा नहीं रात को रोक लो रात की बात है और ज़िन्दगी बाकी तो नहीं तेरे बिना ज़िन्दगी से... -------------------------------

आपकी आँखों में कुछ महके - किशोर कुमार, लता मंगेशकर

आपकी आँखों में कुछ महके गाना:  आपकी आँखों में कुछ महके फिल्म: घर (1978) गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर  गीतकार: गुलज़ार  संगीतकार: आर. डी. बर्मन आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं आपसे भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैं आपकी आँखों में... लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहीं आपकी आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहीं आपकी खामोशियाँ भी, आप की आवाज़ हैं आपकी आँखों में... आपकी बातों में फिर कोई शरारत तो नहीं बेवजह तारिफ़ करना आपकी आदत तो नहीं आपकी बदमाशियों के ये नये अंदाज़ हैं आपकी आँखों में... -------------------------------