ये रेशमी ज़ुल्फें - मो. रफ़ी


ये रेशमी ज़ुल्फें




गाना: ये रेशमी ज़ुल्फें
फिल्म: दो रास्ते (1969)
गायक: मो. रफ़ी
गीतकार: आनंद बक्शी 
संगीतकार: लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल 

 


ये रेशमी ज़ुल्फें, ये शरबती आँखे
इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी

जो ये आँखे शरम से झुक जाएँगी
सारी बातें यहीं बस रुक जाएँगी
चुप रहना ये अफ़साना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर पी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

जुल्फें मगरूर इतनी हो जाएँगी
दिल को तड़पाएँगी, जी को तरसाएंगी
ये कर देंगी दीवाना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

सारे इनकी शिकायत करते हैं
फिर भी इनसे मोहब्बत करते हैं
ये क्या जादू है जाने
फिर चाक गिरे वा दीवाने
इन्हें देख कर सी रहे हैं सभी
ये रेशमी जुल्फें...


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